
भारत की डिजिटल इकॉनमी और ब्लॉकचेन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। Polygon (MATIC) के CEO संदीप नेलवाल ने हाल ही में दावा किया है कि वे “100% श्योर” हैं कि भारत अगले 3 महीनों के अंदर अपना खुद का INR Stablecoin लॉन्च करेगा।
Stablecoin क्या होता है?
Stablecoin एक ऐसा डिजिटल टोकन होता है जिसकी वैल्यू किसी स्थिर एसेट से जुड़ी होती है, जैसे अमेरिकी डॉलर (USD) या भारतीय रुपया (INR)। इसका मकसद क्रिप्टोकरेंसी में होने वाले तेज़ उतार-चढ़ाव को कम करना है ताकि यूजर्स इसे रोज़मर्रा के लेनदेन में इस्तेमाल कर सकें।
भारत में INR Stablecoin का महत्व
अगर भारत अपना INR Stablecoin लॉन्च करता है, तो इसके कई बड़े फायदे हो सकते हैं:
1. डिजिटल ट्रांज़ैक्शन में तेजी – Stablecoin से ट्रांज़ैक्शन सेकंड्स में पूरे हो जाएंगे।
2. Web3 और DeFi ग्रोथ – भारतीय Web3 स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को नए प्रोडक्ट्स बनाने का मौका मिलेगा।
3. ग्लोबल अडॉप्शन – भारतीय रुपया इंटरनेशनल मार्केट में और मज़बूत होगा।
4. फाइनेंशियल इन्क्लूजन – ग्रामीण और छोटे कस्बों में लोग आसानी से डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल कर पाएंगे।
Polygon CEO का बयान क्यों अहम है?
संदीप नेलवाल, Polygon के सह-संस्थापक हैं और ब्लॉकचेन इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम माने जाते हैं। उनका यह बयान बताता है कि भारत सरकार और इंडस्ट्री लीडर्स मिलकर डिजिटल फाइनेंस के भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
आगे क्या उम्मीद की जाए?
हालांकि अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन नेलवाल के इस बयान ने भारतीय क्रिप्टो कम्युनिटी में उत्साह बढ़ा दिया है। अगर आने वाले 3 महीनों में यह Stablecoin लॉन्च होता है, तो यह भारत की डिजिटल इकॉनमी के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा।
👉 यह खबर भारत को ग्लोबल क्रिप्टो हब बनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।
