कजाखस्तान में क्रिप्टो रिज़र्व पर बहस तेज़, केंद्रीय बैंक ने प्रस्ताव को किया खारिज

अस्ताना, 30 जून 2025 – कजाखस्तान की संसद में हाल ही में एक प्रस्ताव सामने आया है जिसमें अपराधों से जब्त की गई क्रिप्टोकरेंसी और संभावित राज्य-खुदाई (state-mined) क्रिप्टो कॉइन्स से एक राष्ट्रीय क्रिप्टो रिज़र्व (State Crypto Reserve) बनाने की मांग की गई है। हालांकि, इस प्रस्ताव को कजाखस्तान के केंद्रीय बैंक ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
सांसद का प्रस्ताव
यह सुझाव सांसद ओलझास कुसपेकोव द्वारा पेश किया गया, जिनका मानना है कि जब्त की गई डिजिटल संपत्तियों का व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र क्रिप्टो रिज़र्व फंड से इन परिसंपत्तियों को पारदर्शिता के साथ संभालना संभव होगा, और यह फंड राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा।
केंद्रीय बैंक का विरोध
हालांकि, राष्ट्रीय बैंक (National Bank of Kazakhstan) के उपाध्यक्ष बेरिक शोलपानकुलोव ने इस विचार को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऐसी कोई ज़रूरत नहीं है।
“क्रिप्टोकरेंसी जो राज्य के स्वामित्व में आती है, उसे वैध प्रक्रिया के तहत बेचा जाना चाहिए और प्राप्त राशि को राष्ट्रीय बजट में जोड़ा जाना चाहिए,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर राजस्व का अपारदर्शी संचयन और कैपिटल आउटफ्लो जैसी समस्याएँ देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
राज्य-स्तरीय माइनिंग का कोई संकेत नहीं
हालांकि चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि सरकार भविष्य में खुद क्रिप्टो कॉइन माइन कर सकती है और उसका उपयोग फंड बनाने में हो सकता है, लेकिन सरकारी स्तर पर इस बारे में अभी कोई स्पष्ट योजना या पुष्टि नहीं हुई है।
डिजिटल भविष्य की तैयारी?
कजाखस्तान पहले से ही डिजिटल संपत्ति और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को लेकर सक्रिय है। सरकार की डिजिटल डेवलपमेंट मंत्रालय ने यह सुझाव जरूर दिया है कि देश को तेल आधारित राष्ट्रीय फंड के समान एक डिजिटल क्रिप्टो फंड की ओर सोचना चाहिए, लेकिन यह अभी शुरुआती विचारों की अवस्था में है।
निष्कर्ष
कजाखस्तान में क्रिप्टो रिज़र्व को लेकर चर्चा भले ही तेज़ हो रही हो, लेकिन फिलहाल केंद्रीय बैंक इसकी आवश्यकता नहीं मानता।
सांसदों और मंत्रालयों के विचारों के बीच का यह मतभेद यह दर्शाता है कि डिजिटल संपत्ति पर नीति बनाना अभी देश के लिए एक चुनौती बना हुआ है।